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गोनू झा और गहनों की पोटली

मिथिला के लोक में गोनू झा वैसे ही प्रसिद्ध हैं, जैसे अकबर के दरबार में बीरबल और कृष्णदेव राय के दरबार में तेनालीराम . गोनू झा की हाजिरजवाबी और तीक्ष्ण बुद्धि बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल सहज ही निकाल लेती है. बिहार की लोककथाओं से पढ़िए गोनू झा की चतुराई का यह किस्सा.  गोनू झा की हाजिरजवाबी से खुश होकर राजा उन्हें अक्सर इनाम देते रहते थे. इस कारण लोगों को लगता था कि गोनू झा ने खूब सारे पैसे जमा कर रखे हैं. यही कारण है कि चोर भी गोनू झा के घर चोरी करने की ताक में रहा करते थे. एक रात चोरों ने गोनू झा के घर में सेंध लगा ही दी. चोर अंदर पहुँचे तो देखा कि घर के लोग जगे हुए हैं. चोरों ने गोनू झा के सोने के कमरे में रखे मिट्टी के भांडों के पीछे छिपने का ठिकाना ढूँढा और घर के लोगों के

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