आप यहाँ हैं
होम > Posts tagged "इलाचन्द्र जोशी"

रेल की रात – इलाचन्द्र जोशी

प्रेमचंद जहाँ कथा साहित्य को सामाजिक समस्याओं से लड़ने के अस्त्र के रूप में विकसित करने का प्रयत्न कर रहे थे, वहीं उन्हीं के समकालीन जैनेन्द्र इसे समाज से व्यक्ति की ओर, बाहर से भीतर की ओर ले जा रहे थे. जैनेन्द्र, अज्ञेय और इलाचन्द्र जोशी जैसे कथाकारों ने व्यक्ति मन की गहराइयों की छानबीन को ही अपने कथा लेखन का उद्देश्य बनाया.... गाड़ी आने के समय से बहुत पहले ही महेंद्र स्टेशन पर जा पहुँचा था। गाड़ी के पहुँचने का ठीक समय मालूम न हो, यह बात नहीं कही जा सकती। जिस छोटे शहर में वह आया हुआ था, वहाँ से जल्दी भागने के लिए वह ऐसा उत्सुक हो उठा था कि जान-बूझ कर भी अज्ञात मन से शायद किसी अबोध बालक की तरह वह समझा था कि उसके जल्दी स्टेशन पर पहुँचने से संभवत: गाड़ी भी नियत समय से पहले ही आ जायगी। होल्डाल में बँधे हुए बिस्तरे और

यू पी एस सी - हिन्दी साहित्य कोचिंग के लिए संपर्क करें - 8800695993-94-95 या और जानकारी प्राप्त करें 

Top